Shashi Tharoor @ShashiTharoor
मोको कहाँ ढूंढें बन्दे, मैं तो तेरे पास में. ना तीरथ में ना मूरत में, ना एकांत निवास में. ना मंदिर में, ना मस्जिद में, ना काबे कैलाश में. ना मैं जप में, ना मैं तप में, ना मैं व्रत उपास में. कहे कबीर सुनो भाई साधो, मैं तो हूँ विशवास में. खोजी करो पल में मिल जाऊँ एक पल की तलाश मे! — PolitiTweet.org