Shashi Tharoor @ShashiTharoor
शायरी और कविता लिखना मेरे बस की बात कहाँ उस श्रेणी में खुद को गिन पाएं अभी, इतने हम विख्यात कहाँ ! फिर भी शुभकामना… https://t.co/C2Kmsc7riC — PolitiTweet.org
Vijay Prithvi Dhillon @DhillonVijay
भावों की अविरल सरिता में, जब बैठ ये तन्हा, बहते हैं समायोजित कर शब्दों को अब "थरूर" भी कविता कहते हैं… https://t.co/ul2heL2u7p