Shashi Tharoor @ShashiTharoor
अफसोस, कुदरत को ये मुशायरा मंजूर नही था उस गालिबाना दौर में थरूर नही था इधर इंग्लिश में बयां होता, उधर उर्दू में बयां होता है ये सोच कर हैराँ हूँ मैं, 'हाय' यूं होता तो क्या होता! — PolitiTweet.org
Storywallah @neeleshmisra
ग़ालिब से बोले वो “जी तख़ल्लुस ‘थरूर’ है” “ग़ालिब तो शायरी का भई कोहिनूर है!” ग़ालिब ने कहा “हम तो खैर हैं जो हैं म… https://t.co/xl6UjNydwy