Shashi Tharoor @ShashiTharoor
#DeMonetisationDisaster बहुत से घर लुटे थे तब बहुत से लोग मरे हैं जख्म जो आज मिले थे जख्म वो अब भी हरे हैं कतारें लम्बी-लम्बी सी सुबह ओर शाम लगती थी बूढ़ी अम्मा, बिन खाए सारी रात जगती थी 8 तारीख क्या आई लोग अब फिर से डरे हैं जख्म जो आज मिले थे जख्म वो अब भी हरे हैं। https://t.co/1aBfFFYXes — PolitiTweet.org